एक औरत की कहानी
औरत- "कहां थे सुबह से तुम? "
वो- अरे यार, बिज़ी था।
औरत- "ठीक है पर कल से आज तक 24 घंटों में से तुम्हे कुछ मिनट का भी टाइम नहीं मिला? "
एक लम्बी चुप्पी (फोन के व्हाट्स एप पर)....!
औरत.- लगता है मैं कुछ ज्यादा सोच रही हूं, ठीक कहता है वो "अपना दिमाग़ कम चलाया कर!" (What's app बंद कर देती है)।
वो - सॉरी यार ! ये तो चिपक गई है मुझसे , कहती है प्यार हो गया है। बेवकूफ़ ! किस दुनिया में जी रहे हैं इस जैसे लोग।
दूसरी औरत- अपने दिल में ( प्यार तो मुझे भी होने वाला था, पर अब नफरत की शुरुआत हो गई है) । अपने कपड़े संभाल लेती है ,और चलने की तैयारी करती है हमेशा के लिए।
कोई किसी को जल्दी ही खोने वाला/वाली है।
To be continued......