मेरी प्यारी माँ, मेरी न्यारी माँ ।
मेरी ही जान है तू, मेरा स्वाभिमान है तू ।।
तेरी आँखों में, जब आँसु देखें मैंने ।
लगता मुझे ए ,धरती अंबर है तू ।।
तेरी आवाज़ सुनकर, अभी मे लोट आऊँ ।
लगता मुझे ऐसे, आँचल में सो जाऊँ ।।
मेरी हस्ती है तू, मेरी कस्ती है तू ।
तुम्हें चाहा मैंने, तम्हें पूजा मैने।।
एक दिन ईश्वर आऐ, कहते मुझे वो ।
ईस दुनिया मे,तुम्हें प्यारा है कोन ?
दिल से आवाज़ निकली, वो था माँ शब्द ।
ईश्वर सुनकर बोले, धन्य है तेरी माँ ।।
मेरी प्यारी माँ, मेरी न्यारी माँ ।
एक बार आवाज़ दे , जान लुटाऊ मे ।।
लेखिका
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Pandya dhara