मेरी बेपनाह मोहब्ब्त को आज भी इकरार है तुझसे और तेरी नफरत कह रही है कि तुझे आज भी प्यार है मुझसे तुझे किस बात का गुरूर है जो जाता नहीं
तेरे बिना एक भी लम्हा मैंने कभी काटा नहीं
तुझे है बेचैनी तो मेरा करार है तुझसे
तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे
"जय"