कुछ दूर हमारे साथ चलो हम दिल की कहनी कह देंगे
समझे न जिसे तुम आंखों से वह बात जबानी कह देंगे
फूलों की तरह जब होंटो पर इक शोख तबस्सुम बिखरेगा
धीरे से तुम्हारे कानों में इक बात पुरानी कह देंगे
इज़हारे वफ़ा तुं क्या समझो,इकरारे वफ़ा तुम क्या जानो
हम ज़िक्र करेंगे गैरों का और अपनी कहनी कह देंगे......!