दो लोगों का संबंध किसी एक की मर्जी से खत्म हो सकता है? एक ने वो डोर काट दी हो जो उन दोनों को बांधे हुए थी, क्या ये दूसरे के लिए स्वीकार करना मुमकिन है? मान लो वो दूसरा उस कटे हुए सिरे को लेकर भागता हुआ आए कि जोड़ दो और पहले के पास अब वो डोर लपेटने के लिए ना तो नई डोर हो और ना बांधने के लिए कोई सहारा, तो? डोर काटना कितना आसान है किसी एक के लिए और कितना मुश्किल है किसी एक के लिए उसे थामे रखना?
कुछ डोर आंसू लगातार गिरने से कमजोर होकर भी टूट जाती हैं और बची डोर को आंसुओं की गंगा में बहाकर हम उस रिश्ते से पार पा लेते हैं। दूसरा जन्म लेते हैं। पिछले जन्म में कौन कैसे जी रहा है, हमें क्या। स्वार्थी बात है पर मुमकिन है।