माँ मुझे हर दम तेरी होती है फिकर
पर कैसे बताऊँ
और किस तरह जताउ ये ।
क्यों मैं कुछ नहीं तुझसे कह पाती
क्यों तु मुझसे यूँ रूठ जाती ।
क्या कहूँ मैं तुझसे, कि क्या माँयना रखती तूँ मेरे लिए।
तूझसे ही है हर खवाहिश, तूझसे ही तो जिंदगी है मेरी।
तु ही सहारा है, बाकी सब गँवारा है।
माँ मैं हु तेरी लाडली, पर अब बडी भी तो हो चुकी हु ।
माँ तुझसे ज्यादा तेरे बारे मैं तुझको जानतीं हु ।
माँ तु है सबकुछ मेरा,
रब से भी पहले नाम लेती हु तेरा ।
तुँ रहे सदा खुश
यहीं रब से है दूवाँ मेरी।
बिंदु अनुराग