दिल की बदमाशियां, क्या नई बात है।
मन की बेताबियां, क्या नई बात है।।
धड़कता है दिल जिसके नाम से।
उसकी खामोशियां क्या नई बात है।।
प्यार से रूठना ,क्या नई बात है।
स्वयं को भूलना, क्या नई बात है।।
भरते रहते हैं सिसकियां रात भर।
प्यार में टूटना,क्या नई बात है।।
~✍️ ©निमिषा~