कटे ना कट सकता है ,
ये जिंदगी का सफर
,जब तू ना हो मेरे साथ मेरे महबूब l
मेरे दिलबर।आए कोई पतझड़ या कोई तूफान
,रण मे द्वंद हो या हो कोई संग्राम ,
झेल जाऊंगी सब अगर तुम हो मेरे संग इस सफर ।
चांद भी चकोर की राह ताके हर रैन ,
उस से भी ना अकेले कटे रात्रि का वह पहर ।
दीप्ति से ना कटे अकेले अलाव का कहर ,अगर वह उजाला ना कर सके विशाल , भव का सफर ।