My New Poem ....!!!!
*किरदार में मेरे भले
अदाकारियाँ नहीं हैं,
खुद्दारी है,गुरूर है पर
मक्कारियाँ नहीं हैं,💐
पाबंदी है, समझदारी है पर
ना-शुक्र-गुज़ारी नहीं है, 💐
अख़लाक़ है, मोहब्बत है पर
बे-ईमानदारी नहीं हैं, 💐
लफ़्ज़ों की दौलत है, बारीकी हैं, पर
मिलावट-गिरी नहीं है, 💐
परवाज़ों की, ख़्यालों की बुलंदियाँ है,पर
फ़ितरत में बुज़दिली नहीं है, 💐
जीदगीं जीने का मक़सद है, मंज़िल है,पर
स्वभाव में जालसाज़ी नहीं है, 💐
ज़हनी पुख़्तगीं है, दयानतदारी है, पर
अदाओं में बद-बख्ती नहीं है, 💐
रुँहानियतसे लबरेज़ बंदगी है,नदामत है, पर
अमल-ए-बदकारी नहीं है, 💐
प्रभु-परस्ती है, वफ़ा-परस्ती है, पर
मतलब-परस्ती नहीं है, 💐
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