मत कर अपने आप से आंख मिचौली का खेल रख नजर अपनी कमियों पर
किसके लिए करना है दिखावा ?
क्या मिलेगा खुद से भाग कर ?
क्यू निकालनी है दूसरे की गलतियां। ?
कभी अपनी तरफ तो आंखे घुमा
पता चलेगा नजरिया कैसा है अपना....
दुनिया तो बदल जाएगी मगर हम
बदल जायेंगे तो दुनिया को देखने
का नजरिया जरूर बदल जाएगा...