*प्रातः वंदन* 🙏🏽
*इंसान दोनों मामलों में बेबस है*
*दुख बेच नहीं सकता और*
*सुख को खरीद नहीं सकता*
*सब दुःख दूर होने के बाद,*
*मन खुश होगा,*
*ये आपका भ्रम है*
*मन खुश रखो,*
*सब दुःख दूर हो जायेंगे,*
*ये हकीकत है*
*परिस्थिति कुछ भी हो*
*डट कर खड़े रहना चाहिए*
*सही समय आने पर*
*खट्टी कैरी भी बदल कर*
*मीठा आम बन जाती है*
*चलो गमो में भी मुस्कुराते है*
*जिंदगी को थोड़ा चिढाते है*
Good morning
Jay shree krishna🙏🏻💐