उसने कहा कि क्या कभी कोई इतिफाक हसीन हो सकता है
हमने भी कह दिया जी हां आप जैसा हो तो
हसीन के साथ अनमोल भी हुआ करता है
उसने हंसते हुए कहा कि अच्छा मज़ाक कर लेती हो
हमने कहा साहब हकीकत हर किसी के सामने बयां नहीं करते
आपने शायद दिल से नहीं समझी बात इसलिए हकीकत को मज़ाक समझ बैठे।