संसार के बदलने की प्रतीक्षा मत करना
अन्यथा तुम बैठे ही रह जाओगे, प्रतीक्षा ही मरते रह जाओगे।
अंधेरे में ही जीते रहोगे और अंधेरे में ही चले जाओगे। संसार तो सदा है, सदा रहेगा। लेकिन तुम अभी हो, कल नहीं होंगे, विदा हो जाओगे। इसलिए एक बात का ध्यान अवश्य रखना. . .
// बदलना स्वयं को है, संसार को नहीं। //
"ओशो की कलम से"
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/वीर/