युं शायर नहीं हुं में पर शायरी आ जाती है,
तेरी यादें युंही जिंदगी में जाम दे जाती है,
इस भरी महफिल में सिर्फ तुजेही ढूंढ़ती ये आंखे,
तनहाई में तेरी यादों में दर्द बनकर बेह जाती है,
क्या जरूरी है तेरा जाना और इस किस्मत का होना?
ऐसा ना हो कि इक लहर से किस्मत का पन्ना पलटे...
और तू सिर्फ मेरा होके लौटे!!!