आजकल खुद पर थोड़ा ज्यादा ऐताबर कर रहा हूँ।
पहले दिल में था कोई, अब खुद से प्यार कर रहा हूँ।
पहले कोशिश सिर्फ एक बार की ख़्वाबों के लिए।
ख़्वाब हों पूरे अब मैं कोशिश कई बार कर रहा हूँ।
लोगों ने जैसा चाहा मैं वैसा ही बनता रहा हमेशा।
आज लगा कि मैं अपनी ज़िन्दगी बेकार कर रहा हूँ।
बहुत ही जल्द मान लेता था हार मैं अपनी लेकिन।
अब हारने के बाद भी जीत का इंतज़ार!.