मेरी बाते अब शोर लगती है
पर तुम चुपकी को भी तो नहीं समझते.
थोड़ी बाते तुमसे क्या टकराई
तूने तो मुझे घमंडी बना दिया
मेरी तुझसे क्या हरीफाई
मुझे तो जिंदगी ने ही धोखा दिया
तुझसे क्या लड़ाई करू
अपना मन ही हारा बैठा है खुद से
बस अब इतनी मेहरबानी कर ले मुज पर
में तेरे दिल में ना सही तेरे किस्सों में बनी
रही तो भी क्या ग़म है..Manda