बचपन का ज़माना था जिसमे खुशियों का खजाना था चाहत थी चाँद को पाने की पर दिल तितली का दीवाना था।
खबर न थी कुछ सुबह की न साम का ठिकाना था,थककर आना स्कूल से पर खेलने भी जाना था,माँ की कहानी थी पारियों का फ़साना था,बारिश में कागज़ की नाव थी, हरमौसम सुहाना था।
Happy ChildrensDay