मिलन
मुद्दतो बाद मिल कर करीब हों गए
पुरानी खुशबू में नए अजीब हो गए
तू आधी थी तो यहां मै भी आ गया
तुझे पूरा करते करते हम गरीब हो गए
अब मुझे छोड़ कर कहा जा पाओगे
ये मिलन अब जीने के तरतीब हो गए
ईश्क की मौत हादसे में ही हो गई
जिंदा रह कर हम बदनसीब हो गए
जब तक कुछ समझ पता वो भूल गए
अब 'केशव' उसकी याद में अदीब हो गए