१९.
माँ बहुत कुछ छोड़ जाती है
माँ बहुत कुछ छोड़ जाती है
अनमोल ममता,
हाथों का प्यार,
डबडबाती आँखें,
झुरीदार चेहरा,
गोद का आनन्द,
लकीरनुमा बातें,
मीठा-मीठा इतिहास,
भीगा-भीगा आँचल,
सीधी-सादी बातें।
उसकी परिधि में रह जाता है
रात-रात भर जागना,
बीमारी में उठना
रोने में सहलाना,
खुशियों को उठाना,
मन्दिर में भगवान को
सुबह-सुबह जागना।
** महेश रौतेला