मा मेरी हुई पचपन की
फिर लौट आया उसका बचपन
पहले तू रोज मेरे बालो को संवारती
आज मेरी बारी है तेरे बालो में महेदी लगाने की
पहले मेरी सुबह होती तेरी चाय की खुस्बु से
आज चाय तो बनती है पर खुस्बू नहीं तेरे हाथो की
कितने नखरे किए मैने तेरे से मा
आज तेरे नखरे उठाने की बारी है मेरी
कितना दौड़ाया मैने तुझे , आज भी याद आता है
जब में दौड़ती है मेरी बच्चे के पीछे
जब में रूठ जाती तू मुझे मनाती कोन वाली आइसक्रीम देकर.
आज भले ही तुझे हो डायबिटीज पर में मना ही लूंगी
सुगर फ्री आइसक्रीम लाकर..
पहले तू बाज़ार से मेरे लिए खट्ठी मीठी गोलियां लाती थी
आज मुझे तुझे खिलानी पड़ती है कड़वी गोलियां डाक्टर की.
कुछ भी हो पर मा तू ना छोड़ना मेरा साथ,अगर तू रूठी तो में मना लूंगी ,क्युकी आखिर परछाई तो तेरी हूं ना मा.
में जानती हूं पापा की यादों से तेरा मन नहीं भरता मा
पर तू ये समझ ले हम भी तो है पापा की यादों का पिटारा..