"चैन मिल जाए.....
कम नहीं मेरी ज़िन्दगी के लिए;
चैन मिल जाए दो घडी के लिए;
दिले-ज़ार कौन है तेरा;
क्यों तड़पता है यूं किसी के लिए;
चैन मिल जाए...
कितने सामान कर लिए पैदा;
इतनी छोटी सी ज़िन्दगी के लिए;
चैन मिल जाए....
ऐसा फ़ैयाज़ ग़म ने घेरा है;
लब तरस ही गए हंसी के लिए;
चैन मिल जाए....
"