?? *जय सियाराम जी* ??
*रत्न तो लाख मिले*
*एक ह्रदय धन न मिला,*
*दर्द हर वक्त मिला,*
*चैन किसी क्षण न मिला,*
*ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई*
*धूप जीवन की मगर,*
*दूसरी बार लौट के हमें*
*बचपन न मिला...!*
???????
*आपके कर्म ही आपकी पहचान है*
*वरना एक नाम के हजारो इंसान है*
?? *सुप्रभात ??