मेरे पिता
मेरे पिता
मेरे केंद्र बिंदु और मेरी परीधी
मेरी दुनिया और मेरे आदर्श
मेरे निर्भय सक्षम जीवन के प्रादर्श
सफेद कुर्ता और पजामा
चुस्त-दुरुस्त दुकानदार
और दमक दार काया
जिनके चेहरे की आभा
कर्म ही जिनकी परिभाषा
मेरे जीवन की आशा
जिनके उपहार में
बंकिम टैगोर प्रेमचंद की पुस्तकें
प्यार बनकर बरसती थी
ऐसा कुछ भी नहीं था
जिसके लिए मैं तरसता था
पिता मेरा आसमान
पिता ही मेरी छाया
परमेश्वर यदि है पुनर्जन्म
तो मुझे देना मेरे पिता
फिर वही साया
और पा लु तेरी माया
मेरे पिता मेरी परीधी
मेरे पिता मेरा साया