अभी तो ये मौसम सुहाना हुआ है।
मेरा दिल भी देखो दीवाना हुआ है।।
चले आओ मिलने मुझसे अभी तुम।
कि मिलने का तुमसे बहाना हुआ है।।
ग़ज़ब ढा रहा है ये मौसम सुहाना।
ये दिल को मेरे भी लुभाना हुआ है।।
घटाओं से बरसा है ये जाम कैसा।
ये दिल भी मेरा आशिकाना हुआ है।।
गुजर जाए ना ये बहारों का मौसम।
बाद मुद्दत के इनका भी आना हुआ है।