The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
समय का कोई नहीं पता कब किसका बदल जाए इंतजार करे अपनी बारी का समय ने करवट ली तो इतिहास फिर हम लिखेंगे,,,🙏🙏🙏🙏🙏✍️✍️✍️✍️✍️ #writer_bhagwatsingh_naruka
✍️✍️✍️🙏🙏🙏🙏🙏🙏✍️🙏 जब दुनिया आप पर शक करे, तब भी अपनी काबिलियत पर यकीन रखना ही सबसे बड़ी जीत है।#writer ,_bhagwatsingh_naruka
बारिशों के उदास मौसम में, खुद को देखूं तो याद आए कोई ... काश कि यूं भी हो जाए एक बार , मैं पुकारूं तो लौट आए कोई...!!! ♥️♥️♥️♥️♥️♥️🙏🙏🙏🙏🙏✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ लाईक शेयर कॉमेंट
शिकायत है उसे हमारी खामोशी से मगर, वजह उसे भी नहीं जाननी हमारी खामोशी की!!✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️🙏🙏🙏🙏🙏♥️♥️♥️ #writer_bhagwatsingh_naruka
अब आसमां पर है नाम तेरा, और मैं जमीं पर हूं, तू भटक गया राह-ए-इश्क से, और मैं वहीं पर हूं !!♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️🙏🙏🙏🙏🙏🙏✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️#writer_bhagwatsingh_naruka
किस्मत में क्या लिखा है, ये कोई नहीं जानता, हर मोड़ पर ज़िंदगी नया फ़साना बुन जाती है। ना चाहते हुए भी अजीब खेल दिखाती है, कभी हँसी देकर, कभी आँसू थमा जाती है। हम सोचते कुछ और हैं, होता कुछ और है, समय अपनी चाल चुपचाप चला जाता है। पर यक़ीन रखो ऐ दोस्त, हर खेल के पीछे कोई सबक छुपा होता है, ज़िंदगी गिराकर ही सही, इंसान को मज़बूत बना जाती है। #writer_bhagwatsingh_naruka
बात कितनी सच्ची है ये बात तो आप सब जानते ही होगे आज कल बदलते रिश्ते कितने अजीब हो गए है । हर कोई जानता है कि आज जो हम अपने रिश्तों के साथ कर रहे है कल वही हमारे साथ भी होना तय है । ठीक उसी तरह जैसे सब जानते है कि मौत एक दिन हमे भी आनी है लेकिन इंसान मौत से भी कितना डरता है सब जानते हुए भी कितने गलत काम कर रहा है । #writer_bhagwatsingh_naruka
जिस तरह एक स्त्री चाहती है कि उसके आगे उसकी पीहर/मायके की बढ़ाई की जाये.... एक लेखक चाहता है कि उसके ग्रंथ की तारीफ की जाये.... एक कवि चाहता है कि उसकी पंक्ति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट हो उसी तरह मै भी चाहता हूँ कि मेरी पोस्ट के ऊपर आप सभी के रिएक्शन आए आपको सच बताऊं ..... बहुत मोटिवेशन मिलता है, आपके रिएक्शन से... अच्छा लिखने का मन होता है | *अब आगे से बिना कहे ही कर दिया करो.....🤗* #writer_bhagwatsinghnaruka #poetry
बचपन भी क्या चीज़ है दोस्त, वो बारिश में भीगना बेख़ौफ़ सा, कागज़ की नावों में सपने रखकर नालों में छोड़ देना शौक़ सा। वो स्कूल की घंटी का इंतज़ार, और छुट्टी होते ही भाग जाना, टिफ़िन आधा खुद खाना, आधा यारों को खिलाना। न कल की चिंता, न आज का हिसाब, हर दिन बस खेल ही काम था, छोटे-छोटे झगड़े भी ऐसे होते, जैसे वही सबसे बड़ा इल्ज़ाम था। आज ज़िम्मेदारियों के जंगल में खड़े हैं, तो वो गलियों की धूल याद आती है, जहाँ जेब खाली होती थी मगर दिल की अमीरी मुस्कुराती थी। सच कहूँ दोस्त, बचपन कोई उम्र नहीं — एक एहसास था, जो चला तो गया, पर हर याद में अब भी पास था। #writer_bhagwatsingh_naruka
कैसा समय आ गया है केशव अब तो लोग अपने खून के रिश्तों को भी जलील करने में जरा भी नहीं हिचकते। #writer_bhagwatsingh_naruka
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser