लक्ष्मी के प्रकार
यशवन्त कोठारी
शास्त्रों में लक्ष्मी का बड़ा महत्व है, और जीवन में गृहलक्ष्मी का। इन दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोय। वैसे लक्ष्मी को श्री, पदमा, कमला, नारायणी, तेजोमयी, देवी आदि अनेकों नामों से जाना गया है। और कालान्तर में ये सभी नाम गृहलक्ष्मियों को सुशेभित करने लगे।
शास्त्रों के अनुसार लक्ष्मीजी क्षीरसागर नरेश विष्णुजी की पत्नी है और एक वरिष्ठ कवि के अनुसार पुरूष पुरातन की वधु क्यों न चंचला होय। मगर यह उक्ति गृहलक्ष्मियों पर ठीक नहीं उतरती क्योंकि भारतीय परिवेश में गृहलक्ष्मी डोली में बैठ कर आती है और अर्थी पर जाती है ।