बिक रहीं थीं खूबसूरत जिंदगी एक,
गहनों के बाजार में..
दाम था मदमस्त मर्दाना एक यौवन...,
खरीद ली हमने....
तडपडा उठीं घर तक पहुंचते पहुंचते...,
लौटा दी उसी वक्त व्यापारी को वापस मुफ़्त मे हमने...,
क्यु की वह चीज थी बाजार की..,
ले जा रहे थे घर पर हम...!!
-वीडी