ये जो पल का अभी अभी है रुकाव,
शायद मेरा तेरी तरफ़ का ही है जुकाव।
मेरी समझ से परे है ये पड़ाव,
और भी बढ़ता ही जा रहा लगाव।
अनंत सीमा से परे है ये भाव,
डर है, दिल पर ना दे जाय घाव।
ये जो पल का अभी अभी हे रुकाव......(२)
यू तो जिन्दगी में नहीं है कोइ अभाव,
ज़रा सा हंस बोल लेना यही हे स्वभाव।
जहां रहे मुस्कुराते रहे,यही हे सुझाव,
जीवन सफ़र मै कभी ना हो मनमुटाव।
ये जो पल का अभी अभी हे रुकाव......(२)
तुम साथ हो तो यकीनन यक़ीन है मुझे,
रह जाएंगे यांहा अच्छी यादों के खड़ाव
ये जो पल का अभी अभी हे रुकाव.....(२)
शायद मेरा तेरी तरफ़ का ही हे झुकाव।
मेघा....