ज़िन्दगी के सफ़र मेँ अक्सर ही ऐसे मुकाम आते हैँ
ज़िन्दगी मेँ कई रिश्ते नामचीन बेनाम गुमनाम आते हैँ
इनमें से कूछ याद रहते हैँ उम्रभर मगर कूछ भूल जाते हैँ
रिश्तों क़ी कोइ उम्र नहीं होती पर ये उम्र भर याद आते हैँ
कूछ लंबे रिश्ते रहते हैँ साथ उम्र के अंतिम पड़ाव तक
मगर फ़िर भी वो लंबे रिश्ते अजनबी बेजान से होते हैँ
कूछ पल दो पल के रिश्ते पल दो पल ही साथ रहते हैँ
मगर उम्र भर दिल दिमाग औऱ ध्यान बेध्यान मेँ होते हैँ
ये ही वो रिश्ते हैँ , जो मोहब्बत के रिश्ते हैँ
बाकी तो मेंरे यार ज़नाब बस मतलब के रिश्ते हैँ
तो रिश्ते बनाईये या बेशक एक भी ना बनाईये
मगर बनाइए तो फ़िर कयामत तक भी निभाईये
क्यूँकि कयामत तक औऱ बाद भी ना धन काम आयेगा ना दौलत काम आयेगी
मगर गर होंगी रिश्तों क़ी ताकत तो ये ताकयामत औऱ बादेकयामत भी काम आयेगी