तेरी #चाहत में मेरा हक़ है तुझे फ़िर से बता दें
मेरी #उल्फ़त में तेरा हक़ है तुझे फ़िर से जता दें
सिर्फ़ #अलफ़ाज़ नहीं, दिल की भी बात है ये
सिर्फ़ #एहसास नहीं, बात भी ख़ास है ये
तेरा हर #सच ही, मेरा सच है, तुझे फ़िर से बता दें
इश्क़ #मासूम भी है , इश्क़ में धूम भी है
कभी दिल की है #दवा , कभी #मज़लूम भी है
तेरी #ख़िदमत में मेरा ख़त है, तुझे फ़िर से बता दें
#आसमानों की तरह, तू ही नज़रों में बसा
दिल ये #दीवानों की तरह जाने क्यों आज हँसा
तेरी रग-रग में, मेरा #रब है..तुझे फ़िर से बता दें
तेरी #चाहत में मेरा हक़ है, तुझे फ़िर से बता दें
मेरी #उल्फ़त में तेरा हक़ है, तुझे फ़िर से जता दें