यादें /तन्हाई
फिर याद आती है,तेरी वो बातें,
करते थे जब हम, तन्हाई में बातें,
जाने अब वो लम्हें कहाँ खो गये,
हम भीड़ में अब अकेले हो गये,
काश कोई उन्हे ये जा कर बताये
दिल के मेरे दर्द को गा कर सुनाये
तन्हाई में अब न कटेगा ये सफ़र,
आजाओ बन कर तुम हम सफर
Uma vaishnav
मौलिक और स्वरचित