हिम्मत
घूरता रहा सूरज हर सुबह
फिर भी रोशनी नही मिली
ढूंढता रहा नई दिशा
फिर भी मंज़िल नही मिली
राहें अनेक मिली
पर साथी कोई न था
हर्फ़ गर नाम में सब मिले
पर काम में कोई न था
मुक़मल ए मेहनत तोह हर पल रही
पर श्रम ए फल कभी न मिला
मिलान तो सूर्य का पृथ्वी से कभी न था
पर ये संघर्ष तो सभी ने किया
घूरता रहा सूरज हर सुबह
फिर भी रोशनी नही मिली
- कुमार