एक नज़र
धूप भी है बारिश भी है
हल्का हल्का प्यार सा एहसास भी है
पत्तों पे गिरती ओस की बूंदे
उस पे चमकती सूरज की किरणें
पहले प्यार का साज़ है यह
मीठा सा एक राग है यह
छूते ही जो हो जाए हवा
कुछ ऐसा तेरा अंदाज़ है
तप्ती आग में पिघल ता सोना है तू
कोयले की खान में चमक ता हीरा है तू
चंदन सी तेरी मेहक है
चाँद सा तेरा रंग है
झलके जो प्यार निघाओं से
क़त्ल कर दे अपनी अदाओं से
मेंहल में हो रानी की तरह
चौपाल में एक दासी की तरह
साया बने किसी रहगुज़र का
साथ दे किसी रहनुमा का
जीती हो परायों में अपनों की तरह
सुहाना अंदाज़ है कुछ इस तरह
सेहरा की धूप है सौंधी सी फ़िज़ा भी है
मीठा मीठा प्यार से एहसास भी है
धूप भी हो बारिश भी हो
हल्का हल्का मेरे प्यार का एहसास भी हो
- कुमार