"प्रार्थना "
मन की सुंदरता को व्यक्त करने आई हुं,
मैं अकेली तेरे दर पे कुछ मांगने को आई हुं,
तु जगत का नाथ है,
तेरे द्वार पे आई हुं,
ना धन चाहिए,
ना वैभव चाहिए,
मन को शांत करने आई हुं,
सुख, शांति और धैर्य ,
सब के लिए मांगने आई हुं,
नन्हीं जान की रक्षा के लिए,
महाकाल को बुलाने आई हुं,
तु हम पर दया करना,
तु हम पर कृपा करना,
यहीं मांगने मैं अकेली आई हुं,
जय भोलेनाथ, बोलने आई हुं,
एक बच्ची की ईश्वर से प्रार्थना
@ कौशिक दवे