ये मन से मन का ऐक पवित्र बंधन है
जो बेशुमार प्यार के बिना संभव नहीं है ।
ऐक आत्मा दूसरी आत्मा में ओतप्रोत हो
जाती है ।दोनों ऐकदूसरे। की भावना।दुःख सुख की भावनाओं को पूणॅ तरहा से महेसूस कर सकते हैं
दूर होते हुए भी ऐकदूसरे के साथ होते हैं ।हर पल हरघडी हर लमहा आत्मा से ऐकदूसरे के साथ होते हैं टेलीपथी की सही परिभाषा बिना मिले दो आत्मा का प्रेम ।-
जैसे मिलकर और फोन पर बातें करते है।
वैसे ही मन से और आत्मा से मिलकर बातें करते है।
फिलिंग से।