मैं गलत नहीं हूँ.....
रूठा हु मै... मै गलत नहीं हूं
बिखरे-बिखरे से हैं हालात मेरे...मैं ग़लत नहीं हूँ।
तेरी बेवफाई से इतना मजबूर हुआ हूँ,
अपनों से भी अब मैं, दूर हुआ हूँ।
वक़्त का मारा हूँ फ़क़त...मैं ग़लत नहीं हूँ।।
कुछ रिश्ते थे जो तू निभा ना सकी।
आँखों के समंदर, मै बहा ना सका।
भीगी-भीगी सी हैं पलक....मैं ग़लत नही हूँ।।
गिर-गिर के बार-बार,सम्भलता रहा हूँ।
तुज़हे हर बार वफ़ा होना का मौका दिया पर आग में मै जलता रहा हूँ।
दिल में चुभती हैं कसक... मैं ग़लत नही हूँ।।
रूठा हु मै... मै गलत नहीं हूं
- दिलीप प्रजापति