मै कहाँ तुमसे अलग हूँ....
देखो लोग मुझे तुम्हारे नाम से बुलाने लगे हैं....
मै पहले तुम्हारी जैसी बातें करता था ....
अब तुम्हारे सा दिखने भी लगा हूँ......
अब हम कहाँ अलग हैं ....
अब तो उस खुदा ने भी लिख दिया है हमारी तकदीरों में.....
अब तो उसके पास भी हमे साथ साथ जाना है....
अब वहीँ चल कर कुछ पल मुझे अपने सीने से लगा लेना ....
की शायद जिन्दगी की कमी पूरी हो जाए......
? सर्वेश