झूमर ने सोचा वो अपनी मेहनत लगन से अपनी मंजिल पा लेगी. लेकिन जब आगे बढ़ी तो भाई, पति से लेकर हर तरफ धोखा मिला. मगर उसे हार स्वीकार नहीं तो कोर्ट पहुंच गई. लेकिन मंजिल मिलना इतना आसान है क्या?
Matrubharti
पर
"झूमर ".
कहानी में पढ़िए वह मंजिल पाने के प्रयास में कहाँ से कहाँ पहुंच गई......
और यह भी तय करिए कि आप झूमर के साथ खड़े होंगे या उसके पति के साथ.....