गुरु वंदना
गुरु ज्ञान की भरमार है।
विधा का भंडार भी गुरु।
सच्ची राह चिंधनार गुरु।
रास्ता दिखानार भी गुरु।
गलती मे सुधार लानार गुरु।
गलती माफ करनार भी गुरु।
आदर्शो का सिंचन करनार गुरु।
यकीन पर ऐहसास करानार गुरु।
अमृत की खान है गुरु।
विष को धारण करनार भी गुरु।
माँ की कमी पूरी करनार गुरु।
माँ ही सर्वप्रथम हमारी गुरु।
हमारे आदर्श हमारे गुरु रहे।
उनके कायोॅ को साथक करे।
हम भी किसी के आदर्श बनकर।
उमदा राष्ट्र का निर्माण करे।
?? गुरु पूर्णिमा ??