*अप्रतिम* *संदेश*
बरसात में एक घटना घटी. पेड़ पर से एक घोंसला
हवा के थपेड़े से अचानक गिर गया, गिर कर भी
दोनों मौन बैठे रहे.
*चिड़ा* - " सुबह बात करते है "
*चिड़ी* - " हाँ"
रात गुजरने की राह दोनों देख रहे थे। सुबह का
साफ वातावरण देख दोनों खुश हो गये। चिड़ा जोश से बोला, " क्या हम चले ? फिर से तिनके इकट्ठा करते है।
" उसकी आँख में पानी देखकर. चिड़ा -" अरे
पगली रो क्यों रही ? *गिराना* *उसके* *हाथ* *में* *है* *पर* *बनाना* अपने हाथ में है और मदद कि राह देखने के लिये हम इंसान थोड़े ही है !
चल करते है शुरुआत " और उन दोनों ने ऊँचे आसमान में
छँलांग लगाई.......
? *जीना* *सीखें* - *सिखाएँ* ?