बस चला चल बस चला चल।
न रुक,न मूड,न बैठ कही,,,,,,
बस चला चल बस चला चल
जीवन हे,दरिया दरिया
मजबूत इरादों की पत्वार लिए,
बस चला चल बस चला चल।
पथ हो जैसे अग्निपथ
मेघ भरे फोलादी सपनो को लिए,
बस चला चल बस चला चल।
हूं मै ही अक्श और प्रत्यक्ष भी
हूं आत्मविश्वास से तरबतर।
बस चला चल बस चला चल।
न रुक,न मूड,न बैठ कही........
मेघा ✍