फरियाद
बरखा आइ, तो आए तुम मुझे याद;
पर किसको करू मैं फरियाद ?
राधा या मीरा होता तो रो के करता याद
पर मुझे तो कहते है, "कृष्ण है हरजाई; कोई न दे दाद"
मेरा दर्द, मेरी तड़प समझे न कोई; पर मै नहीं हूं फौलाद
मुझे भी राधा की आती है बहुत याद;
पर किसे कहूं; कौन सुनेगा मेरी फरियाद ???
Armin Dutia Motashaw