जाओ बेशक मेरी जिंदगी से
मैंने दिल पे लगाना छोड़ दिया
तू अपने वादे से मुक़र जा
मैंने वादा करना छोड़ दिया |
कितने पल तूने साथ गुजरे
कितनी बार दिल तुम्हे पुकारे
कभी दिलतक आवाज नहीं आती
क्या दिल की सुनना भी छोड़ दिया |
जब तुमने अब फैसला किया है
कहती हो लम्हों को भूला दिया है
रखता हु पत्थर अपने दिलपर
देखता हूँ समजता है क्या पलभर |
जानेवालो को कौन रोक सकता है
नासमज सनम को कौन पूछता है|
तू भले चली जा जिंदगी से
कोशिश करूँगा दिल पे ना लगाना |
मुश्किल है ये मैं जानता हूँ
अपने दिल को पहचानता हूँ |