#हमारी याद आती है ?
दो बीछडे प्रेमी एक बार मीलते है।
एक-दूसरे से बाते होती है।
प्रेमीका:★ हमारी याद आती है? तुम्हे, कभी ?
प्रेमी:★ नही!
हम काफी व्यस्त रहते है, हमारे जीवन मे।
प्रेमीका:★ (दुखी होते हुए)
ऐसा भी क्या काम करते हो ?
प्रेमी:★ चीत्र बनाते है हम, और सारे बीक जाते है।
(थोडा मुश्कुराते हुए)
प्रेमीका:★(दुखी आवज मे) फिरभी। कभी तो,
किसी बात पर। हमारी याद आती होगी ?
'इस पर भी अगर तुम मना करोगे, तो तुम झूठ बोल रहे हो।
क्योकि हमारी यादे इतनी भी बुरी नही थी।'
प्रेमी:★ (प्रेमीका कि और देख कर, कुछ वीचार करके) तुम चलो मेरे साथ (प्रेमीका का हाथ पकडते हुए)
प्रेमीका:★ कहा ? (परेशान होते हुए और रुमाल से अपने आने ही वाले आसू पोछते हुए)
प्रेमी:★ यही पास मे मेरी आर्ट गेलरी है।
-(दोनो आर्ट गेलरी मे पहुचते है)
प्रेमीका:★(चीत्र देखती है, और चोकते हुए प्रेमी को देखती है) ये.... ये सारी मेरी तसवीरे है।
प्रेमी:★(हसते हुए) शायद इसीलिए मुझे तुम्हारी याद नही आयी। क्योकि तुम कभी मेरी आखो से दूर गयी ही नही थी।
प्रेमीका:★ (प्रेमी कि आखो मै प्यार से देखती है)
कुछ भी कहे बगैर तेजीसे वहा से चली जाती है।
प्रेमी:★ (अपनी प्रेमीका को जाते हुए नीहारता रहता है)
और आखीर अपनी आखो मै आसू भर लेता है।
-रेरा