जंग-ए-सिपाही कभी आहत ना होता,
वतन-ओ-आका कभी अनाहत ना होता,
हिंदुस्तान गुलामी की जंजीरों में ना होता,
राजा महाराजा में आपसी फजीहत ना होता
हिंदुस्तान का कभी भी बटवारा ना होता,
नेहरू जिन्हा में जंग-ए-अजहत ना होता,
हिंदुस्तान आज इतना बेहाल ना होता,
अगर कभी अनामत-ए-रिआयत ना होता,
हिंदुस्तान में कभी आज़ादी का आगाज़ ना होता,
अगर क्रांतिवीरों की शहादतों से अवगत ना होता।
"पागल"
आहत - घायल / जख्मी
वतन-ओ-आका - देश पर राज करने वाला
अनाहत - घायल नहीं हुआ वो
ज़ंज़ीर - साँकल / सिकड़ी
फजीहत - धृणित तकरार
बटवारा - विभाजित / अलग
जंग-ए-अजहत - गौरव की लड़ाई
बेहाल - दुर्दशा ग्रस्त
रिआयत - छूट / मुक्ति
आगाज़ - प्रारंभ / शुरुआत
अवगत - जानकारी / जान हुआ