दौलत के अरमान कभी रखता नही मैं,
शोहरत के पीछे कभी भागता नही मैं,
अमीरी गरीबी से वास्ता नही मेरा दोस्तो,
पाक रिश्ता मरते दमतक छोड़ता नही मैं,
सियासत की जरूरत न थी न है मुझे,
रिश्तों में कभी सियासत करता नही मैं,
महोब्बत हो जाये गर किसी हसीना से,
इज़हार करने में किसीसे डरता नही मैं,
"पागल" में तारीफ करने का हुनर ही नही,
दिल के जूठे जज़्बात कभी लिखता नही मैं।
✍?"पागल"✍?
अरमान - लालच / इच्छा / कामना
शोहरत - ख्याति / प्रसिद्धि
वास्ता - संबंध / लगाव / नाता
पाक रिश्ता - पवित्र संबंध / उत्तम नाता
मरते दमतक - आखरी सांस तक
सियासत - राजनीति
महोब्बत - प्यार / प्रेम
गर - अगर / यदि
हसीना - रूपवान नारी/लड़की
इज़हार - प्रकट करना / बताना
हुनर - कला / गुण / कौशल
जज़्बात - भावना