अबकी बार के चुनाव में जनता बड़ी समझदार है,
लोकतंत्र में भ्रष्ट नेता सारे जनता के कर्ज़दार है।
देश द्रोही और गद्दारों को घर बिठाना जरूरी है,
मौसम-ए-चुनाव में हर कदम उठाना जोरदार है,
जूठे वादों का पिटारा जनता को बहकाने को है,
जनता जानती है नतीजा अबकी बार असरदार है।
दामन साफ दिखाने आरोप प्रत्यऱोप होते रहेंगे,
आज नेता तो कलाकार से भी बड़े अदाकार है।
राष्ट्रीय पार्टी के घोषणापत्र ने मचाया हाहाकार है,
"पागल" देशद्रोह की कलम हटाने वाले भी गद्दार है।
✍?"पागल"✍?