हर शाम हो तुम्हारे आँचल की छांव में,
तुम्हारे नाम की शोहरत है सारे गांव में।
सारे फूल बिछा दे हम तुम्हारी राह में,
बेवफाई का कांटा न चुभे तुम्हारे पांव में,
नियंत्रण नही होता दिल की धड़कन पर,
तब परिवर्तन आता मन के बर्ताव में।
प्यार, इश्क़, मोहब्बत जब परवान चढ़ेगा,
प्यार के दुश्मन आएंगे उस वक़्त तनाव में।
सुना है प्यार और जंग में सब जायज़ है,
गौर फरमाइयेगा "पागल" के सुझाव में।
✍?"पागल"✍?