नही के आलम-ए-असबाब में नही देखा,
क़रार हमने कभी ख्वाब में भी नही देखा।
कमल का फूल तस्वीर में तो देखा है,
खिला हुआ किसी तालाब में नही देखा।
तुम्हारी शक्ल में जैसा जमाल है ऐसा,
गुल-ए-शगुफ्ता वा शादाब में नही देखा।
उन्हें गुरूर का इल्जाम देने वालों ने,
कभी करीब-ओ-अहबाब में नही देखा।
"पागल" ने जो असर सादगी में देखा है,
तकल्लुफ के आदाब में तुमसा नही देखा।
✍?"पागल"✍?
आलम-ए-असबाब - जहाँ हर कार्य के लिए कुछ कारण अवश्य हो
जमाल - सौंदर्य / बहुत सुंदर रूप
गुल-ए-शगुफ़्ता - खिलता फुल
शादाब - हरा भरा
गुरुर - घमंड / अभिमान
इल्ज़ाम - आरोप
करीब-ओ-अहबाब - नज़दीकी मित्र
तकल्लुफ - औपचारिकता / शिष्टाचार
आदाब - नमस्कार