चलो,चलो मेरे भारत
बदलो,बदलो मेरे भारत
मन भी बदलो,तन भी बदलो
शस्य श्यामला धरती बदलो।
कहो,कहो मेरे भारत
अपनी बातें,अपनी सांसें,
मिट्टी-भाषा जो अपने होते
उनकी सुगंध फैलाओ भारत।
नये रूप में जन्मों भारत
जनता को राह बताओ भारत,
रूका हुआ, बढ़ जाय ऊपर
ऐसी आवाज लगाओ भारत।
*महेश रौतेला